उत्तर प्रदेश का महत्वाकांक्षी Ganga Expressway अब लगभग पूरा हो चुका है।
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे Meerut से Prayagraj को जोड़ेगा और प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा।
अधिकारियों के मुताबिक, अगले 1–2 महीनों में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जा सकता है।
कितना काम बाकी है?
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि:
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तीसरे चरण में सिर्फ साइड वॉल का मामूली काम बाकी है
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इसे एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा
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मेरठ का 22 किमी हिस्सा पहले ही अक्टूबर 2025 में तैयार हो चुका है
हाईटेक टोल सिस्टम
एक्सप्रेसवे पर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है:
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बिना बैरियर टोल सिस्टम
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वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी
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एंट्री और एग्जिट दोनों पर ऑटोमैटिक टोल कटेगा
इससे ट्रैफिक जाम और लंबी कतारों की समस्या खत्म होगी।
120 km/h की स्पीड और एयरस्ट्रिप सुविधा
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अधिकतम गति: 120 किमी प्रति घंटा
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6 लेन एक्सप्रेसवे (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार संभव)
सबसे खास बात 👇
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एक्सप्रेसवे पर 4 जगह एयरस्ट्रिप बनाई जा रही हैं
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Jalalabad Shahjahanpur में 3.5 किमी लंबी पट्टी तैयार
👉 जरूरत पड़ने पर यहां लड़ाकू विमान भी उतर सकेंगे।
औद्योगिक कॉरिडोर से बढ़ेगा विकास
एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है।
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बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहित
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विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी
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रोजगार के नए अवसर
अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट यूपी को औद्योगिक हब बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
यात्रा होगी आसान
गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद:
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मेरठ से प्रयागराज का सफर काफी तेज और सुगम होगा
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समय और ईंधन दोनों की बचत
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पश्चिम और पूर्वी यूपी के बीच कनेक्टिविटी मजबूत
📊 निष्कर्ष
गंगा एक्सप्रेसवे न सिर्फ एक सड़क परियोजना है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई रीढ़ बनने जा रहा है।
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