लखनऊ। कृष्णा नगर–केसरीखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे समय से चल रही जाम की समस्या अब खत्म होने वाली है। रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा केसरीखेड़ा रेलवे ओवरब्रिज मार्च 2025 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा और अप्रैल में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार पुल का 80% से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
जनवरी से क्रॉसिंग बंद, गर्डर रखने का काम शुरू
ओवरब्रिज के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से — रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर गर्डर रखने का काम — जनवरी से शुरू होगा। इसके लिए रेलवे क्रॉसिंग को कुछ समय के लिए बंद किया जाएगा।
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जनवरी: गर्डर लगाने का कार्य
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फरवरी: सेटिंग और स्ट्रक्चर फाइनल
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मार्च: डामरीकरण व अंतिम फिनिशिंग
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अप्रैल: ब्रिज शुरू
937.46 मीटर लंबाई, अंतिम चरण में निर्माण
केसरीखेड़ा और कृष्णा नगर के बीच बन रहे इस ओवरब्रिज की कुल लंबाई 937.46 मीटर है।
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क्रॉसिंग के दोनों ओर एक-एक पिलर का निर्माण शेष
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पायलिंग पूर्ण, दिसंबर अंत तक पिलर ढलाई भी पूरी
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चार पिलरों की शटरिंग का कार्य जारी
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गर्डर कंपनी निर्माण कार्य पूरा कर जनवरी के पहले सप्ताह तक सप्लाई कर देगी
गर्डर आने के बाद इन्हें दोनों तरफ बने पिलरों पर रखा जाएगा, और फरवरी तक इससे जुड़े सभी तकनीकी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
5 लाख लोगों को मिलेगी जाम से राहत
ओवरब्रिज के चालू होने से केसरीखेड़ा, कृष्णा नगर और आसपास के लगभग 5 लाख लोग रोज़ाना लगने वाले जाम से राहत पाएंगे।
सीधी कनेक्टिविटी से लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
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केसरीखेड़ा
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महाराजापुरम
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बालकृष्ण नगर
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पंडित खेड़ा
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लक्ष्मी विहार
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सदरौना कॉलोनी
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चुन्नू खेड़ा
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गंगा खेड़ा
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भवानीपुरम
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पारा
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गोकुल स्टेट
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अनंत नगर योजना (एलडीए मोहान रोड)
ब्रिज के बन जाने से लखनऊ–कानपुर रोड और लखनऊ–हरदोई रोड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आवागमन तेज व सुगम होगा।


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