BJP New Office Lucknow-The BJP's high-tech headquarters will be built at a cost of ₹2 billion, ready before this election—not 2027_Pic Credit Google

BJP New Office Lucknow: 2 अरब रुपये की लागत से बनेगा बीजेपी का हाई-टेक मुख्यालय, 2027 नहीं—इस चुनाव से पहले तैयार होने की तैयारी

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राजधानी लखनऊ में लगभग 2 अरब रुपये की लागत से बनने वाले हाई-टेक प्रदेश मुख्यालय की तैयारी तेजी से आगे बढ़ रही है। नए प्रदेश कार्यालय का फाइनल डिजाइन तैयार होकर दिल्ली भेज दिया गया है, जहां से हरी झंडी मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा।

रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में तीन डिजाइनों में से एक पर सहमति बनी। फिलहाल 1090 के पास जियामऊ स्थित करीब 58,000 वर्ग फीट भूमि पर टेम्परेरी बाउंड्रीवाल बना दी गई है। समिति का कहना है कि दो महीने के भीतर निर्माण शुरू हो सकता है और तीन साल में भवन तैयार होने की उम्मीद है।

2029 लोकसभा चुनाव से पहले तैयार होने की उम्मीद

हालांकि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इसका पूरा निर्माण संभव है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन पार्टी इसे आगामी बड़े चुनावों को ध्यान में रखते हुए बना रही है। लक्ष्य—2029 लोकसभा चुनाव से पहले इसे पूरी तरह चालू करना।

नए कार्यालय की खासियतें

बीजेपी का नया प्रदेश मुख्यालय कई तकनीकी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं से लैस होगा—

🔸 दो बेसमेंट + तीन मंजिला आधुनिक बिल्डिंग

🔸 1,000 सीटों वाला विशाल प्रेक्षागृह

सभा, सम्मेलन, रणनीतिक बैठकें और बड़े कार्यक्रम यहीं आयोजित होंगे।

🔸 4–5 हाई-टेक मीटिंग हॉल

🔸 डिजिटल वॉर रूम और कॉल सेंटर

चुनाव प्रबंधन, डाटा विश्लेषण और संगठनात्मक मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक सेटअप।

🔸 उन्नत आईटी सेल और डिजिटल कैंपेन रूम

सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी आधारित रणनीतियों के लिए विशेष कक्ष।

🔸 पदाधिकारियों के लिए अलग-अलग आधुनिक ऑफिस रूम

प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री संगठन और अन्य पदाधिकारियों के लिए अलग कार्यस्थल।

🔸 लाइब्रेरी और गेस्ट हाउस की सुविधा

राजनीति, विचारधारा और संगठन पर आधारित विशाल साहित्य संग्रह।

🔸 मल्टी-लेवल पार्किंग

🔸 हाई-टेक सुरक्षा सिस्टम

CCTV, बायोमेट्रिक एक्सेस, इंटेलिजेंट सर्विलांस और आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम।

पुराना प्रदेश कार्यालय बंद नहीं होगा

नया आधुनिक कार्यालय बनने के बाद भी नया-पुराना दोनों कार्यालय सक्रिय रहेंगे। नया भवन मुख्य चुनावी व प्रशासनिक कमांड सेंटर होगा, जबकि पुराना कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बना रहेगा।