BJP wants to snatch the right to vote through SIR-Akhilesh Yadav alleges_Pic Credit Google

एसआईआर के जरिये भाजपा वोट का अधिकार छीनना चाहती है: अखिलेश यादव का आरोप

लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र सरकार एसआईआर (Special Summary Revision) के बहाने मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव के अनुसार यह कदम न सिर्फ लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है, बल्कि इससे आरक्षण और संविधान द्वारा दिए गए अन्य अधिकार भी खतरे में पड़ सकते हैं।

“सभी अपना वोट बनवाएं, कटने से बचाएं” – अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने जनता से अपील की कि वे अपने मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) को अपडेट रखें और किसी भी तरह की गलती या वोट कटने की स्थिति में तुरंत शिकायत करें। उनका कहना है कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा, “अगर वोट का अधिकार छिन गया, तो आरक्षण भी खत्म हो जाएगा। संविधान के जरिए जो अधिकार जनता को मिले हैं, वे भी खतरे में पड़ जाएंगे।”

चुनाव आयोग पर भी लगाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व है कि वह हर नागरिक का वोट सुनिश्चित करे, लेकिन भाजपा सरकार के दबाव में आयोग वोट हटाने पर ज्यादा जोर दे रहा है।
उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में वहां लाखों लोग मतदान से वंचित रह गए थे।

“उत्तर प्रदेश और बंगाल में चुनाव नहीं, फिर इतनी जल्दबाजी क्यों?”

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में इस वर्ष कोई चुनाव नहीं होने वाले, तो फिर इतनी जल्दी एसआईआर प्रक्रिया क्यों की जा रही है? उनका आरोप है कि भाजपा सरकार “जनता को सुविधाएं देने के बजाय उन्हें झूठे मुकदमों में फंसा रही है”

समाजवादी नेताओं पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया

अपने बयान में अखिलेश यादव ने आज़म खान, गायत्री प्रजापति और रमाकांत यादव सहित कई समाजवादी और पीडीए परिवार से जुड़े नेताओं पर लगाए गए मुकदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें वर्षों से न्याय नहीं मिल रहा है।