3 Years Jail for Obstructing Census! UP Government Issues Strict Notification_Pic Credit Google

जनगणना में रुकावट पड़ी तो सीधे जेल! यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, तीन साल तक की सजा का प्रावधान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी जनगणना प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के तहत साफ कर दिया गया है कि जनगणना में किसी भी प्रकार की बाधा, लापरवाही या सहयोग न करने पर दोषी को तीन साल तक की जेल और ₹1000 तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। सरकार का यह कदम जनगणना को पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

📌 जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 का सख्त पालन

राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना में जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर जनगणना कार्य में बाधा डालता है, गलत जानकारी देता है या प्रगणकों को उनके कार्य से रोकता है, तो उसे दंडित किया जाएगा।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि जनगणना केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि योजना, विकास और संसाधनों के सही वितरण की नींव है। इसलिए इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

🏠 मई–जून में होगा हाउस लिस्टिंग सर्वे

अधिसूचना के अनुसार मई–जून 2026 के दौरान प्रदेशभर में हाउस लिस्टिंग सर्वे कराया जाएगा। इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों, आवास, मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे।

इससे पहले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि डेटा संग्रहण में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। सरकार का लक्ष्य है कि जनगणना पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और प्रमाणिक हो।

🏢 मंडल से तहसील तक तय हुई जिम्मेदारी

जनगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने के लिए सरकार ने मंडल, जिला, तहसील और नगर निकाय स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक—

  • मंडल आयुक्त – मंडल जनगणना अधिकारी

  • जिलाधिकारी (DM) – प्रमुख जनगणना अधिकारी

  • एडीएम (वित्त एवं राजस्व) – जिला जनगणना अधिकारी

  • बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी – अपर जिला जनगणना अधिकारी

  • एसडीएम – उप जनगणना अधिकारी

  • तहसीलदार – चार्ज अधिकारी

  • कानूनगो – सहायक चार्ज अधिकारी

इसके अलावा नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, छावनी परिषद और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में भी इसी तरह जिम्मेदार अधिकारी नामित किए गए हैं।

⚠️ जनगणना में बाधा डालना पड़ेगा भारी

सरकार ने साफ किया है कि अगर कोई व्यक्ति:

  • जनगणना कर्मियों को गलत जानकारी देता है

  • सर्वे से इनकार करता है

  • जानबूझकर काम में रुकावट डालता है

तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही सरकारी योजनाएं, बजट आवंटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले लिए जाते हैं।

🔗 भरोसेमंद जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत

जनगणना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और नियमों को समझने के लिए पाठक भारत सरकार के आधिकारिक जनगणना पोर्टल (Census of India) पर उपलब्ध अधिनियम और दिशा-निर्देश देख सकते हैं। यह एक विश्वसनीय और स्पैम-फ्री आउटबाउंड स्रोत है, जो तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करता है।

📈 क्यों जरूरी है यह सख्ती?

विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जनसंख्या के सही आंकड़े विकास की रीढ़ होते हैं। पिछली जनगणनाओं में सामने आई चुनौतियों को देखते हुए सरकार इस बार कोई भी ढील नहीं देना चाहती। यही वजह है कि सजा और जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान अधिसूचना में शामिल किया गया है।