Big Aadhaar Upgrade Ahead! Face Recognition to Replace Fingerprints, AI to Curb Fraud_Pic Credit Google

आधार में क्रांतिकारी बदलाव! अब फिंगरप्रिंट नहीं, चेहरे से होगी पहचान—AI से फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक

लखनऊ खबर | Lucknow Khabar Tech & Governance Report

नई दिल्ली / लखनऊ: देश की पहचान व्यवस्था आधार अब एक नए और अत्याधुनिक दौर में प्रवेश करने जा रही है। केंद्र सरकार फिंगरप्रिंट आधारित पहचान से आगे बढ़कर फेशियल रिकग्निशन (चेहरे से पहचान) को प्राथमिक माध्यम बनाने की तैयारी में है। यह बदलाव ‘आधार विजन 2032’ के तहत किया जा रहा है, जिसका मकसद आधार को तेज, ज्यादा सुरक्षित और फ्रॉड-फ्री बनाना है।


🆔 हर दिन 9 करोड़ ऑथेंटिकेशन, अब AI से होगा भविष्य सुरक्षित

भारत में रोज़ाना करीब 9 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन होते हैं। इनमें से लगभग 1 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन के ज़रिये पूरे किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर महीने 100 करोड़ ऑथेंटिकेशन चेहरे की पहचान से किए जाएं।

इसके लिए AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि साइबर फ्रॉड की गुंजाइश न्यूनतम हो।


🤖 फिंगरप्रिंट की जगह चेहरा—क्यों जरूरी है बदलाव?

फिंगरप्रिंट आधारित पहचान में उम्र, मेहनत वाले काम, चोट या घिसावट के कारण दिक्कतें आती हैं। फेशियल रिकग्निशन से:

  • बार-बार फिंगरप्रिंट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी

  • ऑथेंटिकेशन तेज और स्मूद होगा

  • पहचान में होने वाली असफलताएं कम होंगी

  • फ्रॉड रोकने में AI अहम भूमिका निभाएगा

UIDAI के सीईओ Bhuvnesh Kumar के अनुसार, विजन 2032 को ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है, लेकिन तकनीकी सोच इससे भी आगे की है।


👶 5 करोड़ बच्चों का बायोमैट्रिक अपडेट, 2026 तक फ्री

सरकार अब तक 5 करोड़ बच्चों और किशोरों का बायोमैट्रिक अपडेट कर चुकी है। यह प्रक्रिया सितंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त जारी रहेगी। इसका उद्देश्य उम्र के साथ बदलने वाले बायोमैट्रिक डेटा को अपडेट रखना है, ताकि भविष्य में पहचान से जुड़ी कोई समस्या न आए।


🧠 2032 तक आधार का टेक्नोलॉजी रोडमैप

आधार के नए तकनीकी ढांचे पर काम कर रही विशेषज्ञ समिति अगले महीने प्रारूप को अंतिम रूप देगी। मार्च में यह रिपोर्ट Unique Identification Authority of India को सौंपी जाएगी। इसी के आधार पर:

  • अगले 5 वर्षों की टेक्नोलॉजी संरचना तय होगी

  • मौजूदा तकनीकी अनुबंध (जो 2027 में खत्म हो रहा है) के बाद

  • 2032 तक के लिए नया अनुबंध किया जाएगा


👥 कौन-कौन हैं इस विजन के पीछे?

यह अहम दस्तावेज तैयार करने के लिए अक्टूबर में Nilekani की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी। इसमें शामिल हैं:

  • Vivek Raghavan (सर्वम् AI)

  • Dheeraj Pandey

  • P. Purnachandran

  • Anil Jain

  • Mayank Vats


🔐 क्यों अहम है ‘आधार विजन 2032’?

सरकार का उद्देश्य एक ऐसा नेशनल डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम बनाना है जो:

  • तेज हो

  • सुरक्षित हो

  • AI आधारित हो

  • और फ्रॉड की संभावना लगभग खत्म कर दे