Uttar Pradesh में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। उम्मीद पोर्टल पर दर्ज 31 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है।
सरकारी जांच में दस्तावेजों की त्रुटियां, तकनीकी खामियां और रिकॉर्ड में गड़बड़ियां मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
31 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन निरस्त
प्रदेश में कुल 1,18,302 वक्फ संपत्तियां दर्ज की गई थीं। इनमें से:
- 31,328 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द
- 31,192 संपत्तियों के वक्फ दावे भी निरस्त
जांच के दौरान कई संपत्तियों के खसरा नंबर वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। कई मामलों में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जमीन के रकबे में भी बदलाव पाया गया।
रिकॉर्ड जांच में मिलीं अनियमितताएं
दस्तावेजों के मिलान और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार कई संपत्तियों के दस्तावेज अधूरे या तकनीकी रूप से गलत पाए गए, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
क्या है ‘उम्मीद’ पोर्टल?
सरकार ने वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए “Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development” पोर्टल लॉन्च किया था, जिसे संक्षेप में “उम्मीद पोर्टल” कहा जाता है।
इस पोर्टल का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना है।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन में यूपी सबसे आगे
उत्तर प्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन में देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 तक 92,832 संपत्तियों की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने 6 जून 2025 को सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि 5 दिसंबर 2025 तक वक्फ संपत्तियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। बाद में इसकी समय सीमा छह महीने बढ़ाई गई थी, लेकिन यूपी ने यह प्रक्रिया तय समय से पहले पूरी कर ली।
पारदर्शिता और निगरानी पर जोर
सरकार का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से वक्फ संपत्तियों की निगरानी आसान होगी और फर्जी दावों, अवैध कब्जों व रिकॉर्ड गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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