568 km long Gorakhpur-Siliguri Expressway-Connects UP, Bihar and Bengal, making it easier to reach Nepal_Pic Credit Open AI

568 KM लंबा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे: यूपी, बिहार और बंगाल को जोड़ेगा, नेपाल पहुंचना होगा आसान

Gorakhpur Siliguri Expressway: 15 घंटे का सफर घटकर 6 घंटे में होगा पूरा

पूर्वी भारत के लिए एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना तेजी से आकार ले रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रस्तावित 568 किलोमीटर लंबा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ते हुए नेपाल सीमा के समानांतर विकसित किया जा रहा है। करीब 32,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन को नई गति देने वाली मानी जा रही है।

एक्सप्रेसवे बनने के बाद गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच वर्तमान में लगने वाला लगभग 15 घंटे का सफर घटकर मात्र 6 से 8 घंटे रह जाएगा।

120 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी गाड़ियां

इस एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम डिजाइन स्पीड के अनुसार तैयार किया जा रहा है। यह पूरी तरह नियंत्रित प्रवेश (Controlled Access) वाला एक्सप्रेसवे होगा, जहां वाहन केवल निर्धारित इंटरचेंजों से ही प्रवेश और निकास कर सकेंगे।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अभी से 100 मीटर चौड़ी भूमि आरक्षित की जा रही है ताकि भविष्य में इसे 6 या 8 लेन तक विस्तारित किया जा सके।

किन राज्यों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे?

उत्तर प्रदेश

एक्सप्रेसवे की शुरुआत गोरखपुर रिंग रोड के निकट जगदीशपुर क्षेत्र से होगी।

यूपी में इसकी लंबाई लगभग 84.3 किलोमीटर होगी और यह मुख्य रूप से:

  • गोरखपुर
  • कुशीनगर

जिलों से होकर गुजरेगा।

विशेष बात यह है कि अंतिम डिजाइन में बदलाव करते हुए देवरिया जिले को बाईपास किया गया है ताकि मार्ग अधिक सीधा और तेज बनाया जा सके।

बिहार में सबसे लंबा हिस्सा

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा हिस्सा बिहार में होगा।

करीब 416.2 किलोमीटर लंबा यह खंड निम्न जिलों से होकर गुजरेगा:

  • पश्चिम चंपारण
  • पूर्वी चंपारण
  • शिवहर
  • सीतामढ़ी
  • मधुबनी
  • सुपौल
  • अररिया
  • किशनगंज

इन क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण और अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

पश्चिम बंगाल में होगा समापन

बिहार से निकलने के बाद एक्सप्रेसवे पश्चिम बंगाल में प्रवेश करेगा और:

  • उत्तर दिनाजपुर
  • दार्जिलिंग

जिलों से होकर गुजरते हुए सिलीगुड़ी में समाप्त होगा।

नेपाल व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा

यह एक्सप्रेसवे भारत-नेपाल सीमा के समानांतर विकसित किया जा रहा है।

इसके प्रमुख लाभ:

  • नेपाल के साथ व्यापार तेज होगा।
  • मालवाहक ट्रकों की आवाजाही आसान होगी।
  • लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।
  • सीमा क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
  • पर्यटन और सीमा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

प्रमुख नदियों पर बनेंगे बड़े पुल

पूर्वी भारत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए परियोजना में कई बड़े पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।

ये पुल प्रमुख नदियों पर बनाए जाएंगे:

  • कोसी
  • गंडक
  • बागमती

इससे मानसून के दौरान भी सुचारु यातायात सुनिश्चित किया जा सकेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ी हलचल

एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद कई क्षेत्रों में रियल एस्टेट गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।

विशेष रूप से:

  • गोरखपुर
  • दरभंगा
  • सिलीगुड़ी

और आसपास के इलाकों में भूमि एवं आवासीय परियोजनाओं की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

डेवलपर्स पहले से ही वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क और नई हाउसिंग परियोजनाओं के लिए जमीन की तलाश में जुट गए हैं।

2028 तक शुरू हो सकता है संचालन

परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है। NHAI ने निर्माण एजेंसियों से टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

यदि सभी कार्य निर्धारित समय पर पूरे होते हैं और कोई बड़ी प्रशासनिक या कानूनी बाधा नहीं आती, तो वर्ष 2028 तक इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे पूर्वी भारत की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। 568 किलोमीटर लंबा यह आधुनिक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही नेपाल के साथ व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नया आयाम देगा। इसके पूरा होने के बाद पूर्वी भारत में यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है।

Gorakhpur Siliguri Expressway, Gorakhpur News, Bihar Expressway, Siliguri Expressway, NHAI Project, Uttar Pradesh Infrastructure, Bihar Development News, Nepal Border Highway, India Nepal Trade Route, Expressway News India


Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *