Lucknow-Kanpur Expressway to become a green corridor-46000 saplings to be planted along both sides_Pic Credit Open AI

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनेगा हरियाली का कॉरिडोर, दोनों ओर लगाए जाएंगे 46 हजार पौधे

Lucknow-Kanpur Expressway Green Corridor: पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे सिर्फ तेज रफ्तार सफर का माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश का एक बड़ा हरित कॉरिडोर (Green Corridor) भी बनेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर लगभग 46 हजार पौधे लगाए जाएंगे।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और एक्सप्रेसवे को प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध बनाना है।

63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर होगा पौधारोपण

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 63 किलोमीटर है।

मुख्य जानकारी:

  • कुल लंबाई: 63 किमी
  • ग्रीनफील्ड सेक्शन: लगभग 42 किमी
  • क्षेत्र: बनी से शुक्लागंज तक
  • कुल पौधे: 46,000
  • अनुमानित लागत: ₹5 करोड़

एनएचएआई इस परियोजना का पूरा खर्च वहन करेगा जबकि पौधों की देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी वन विभाग के पास होगी।

कौन-कौन से पौधे लगाए जाएंगे?

विशेषज्ञों और वन विभाग ने स्थानीय जलवायु को ध्यान में रखते हुए देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी है।

प्रमुख पौधे:

  • नीम
  • पीपल
  • बरगद
  • शीशम
  • अर्जुन
  • गुलमोहर
  • अमलतास

ये पौधे प्रदूषण नियंत्रित करने और लंबे समय तक पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में प्रभावी माने जाते हैं।

900 टन कार्बन डाइऑक्साइड सोख सकेंगे पेड़

विशेषज्ञों के अनुसार जब ये पौधे पूर्ण विकसित हो जाएंगे, तब:

  • हर वर्ष 900 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर सकेंगे।
  • आसपास के क्षेत्र में तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक कम करने में मदद मिलेगी।
  • वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।

यह परियोजना जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी सहायक साबित हो सकती है।

सड़क सुरक्षा में भी मिलेगी मदद

पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा।

इससे:

  • धूल और धुएं में कमी आएगी।
  • सड़क किनारे मिट्टी का कटाव रुकेगा।
  • तेज हवाओं का प्रभाव कम होगा।
  • यात्रियों को अधिक आरामदायक वातावरण मिलेगा।

रेस्ट एरिया में लगाए जाएंगे फलदार पौधे

एक्सप्रेसवे पर विकसित किए जा रहे रेस्ट एरिया में विशेष रूप से फलदार पौधे लगाए जाएंगे।

इससे:

  • हरियाली बढ़ेगी।
  • पर्यावरण संतुलन बेहतर होगा।
  • विश्राम स्थलों की सुंदरता बढ़ेगी।

ड्रिप इरिगेशन से होगी सिंचाई

गर्मी के मौसम में पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया जाएगा।

इस व्यवस्था से:

  • नियमित सिंचाई होगी।
  • पानी की बचत होगी।
  • पौधों की जीवित रहने की संभावना बढ़ेगी।

यूपी के सबसे हरित एक्सप्रेसवे में हो सकता है शामिल

विशेषज्ञों का मानना है कि पौधारोपण योजना पूरी होने के बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे प्रदेश के सबसे हरित और पर्यावरण-अनुकूल एक्सप्रेसवे में शामिल हो सकता है।

यह परियोजना सड़क विकास और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है।

निष्कर्ष

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 46 हजार पौधे लगाने की योजना प्रदेश के लिए एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और प्राकृतिक सौंदर्य में भी वृद्धि होगी। आने वाले वर्षों में यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक और हरित परिवहन कॉरिडोर के रूप में पहचान बना सकता है।

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