लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिक वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब राज्य में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए सरकार की ओर से ₹1 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार का यह फैसला भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) के माध्यम से लागू किया जाएगा।
💰 सिर्फ ₹20 में पंजीकरण और ₹20 वार्षिक शुल्क
इस योजना का लाभ उठाने के लिए श्रमिकों को केवल ₹20 पंजीकरण शुल्क और ₹20 वार्षिक अंशदान देना होगा। इसके बाद वे न केवल इस योजना के पात्र बनेंगे, बल्कि श्रमिक कल्याण बोर्ड की अन्य योजनाओं का भी लाभ उठा सकेंगे।
👉 आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है:
वेबसाइट: www.upbocwboard.in
या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से।
🎊 तीन श्रेणियों में मिलेगी सहायता राशि
नई व्यवस्था में सहायता राशि को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
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सामान्य विवाह: ₹65,000
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अंतर्जातीय विवाह: ₹75,000
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सामूहिक विवाह: ₹85,000
इसके अलावा शादी के आयोजन के लिए अतिरिक्त ₹15,000 भी दिए जाएंगे।
➡️ कुल राशि = ₹1,00,000 तक
💬 सीएम योगी का उद्देश्य — हर श्रमिक बेटी की शादी पूरी हो
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि
“कोई भी श्रमिक बेटी आर्थिक तंगी के कारण अपनी शादी का सपना अधूरा न छोड़े।”
पहले जहां सामान्य विवाह पर ₹51,000 की सहायता दी जाती थी, अब उसे बढ़ाकर ₹65,000 कर दिया गया है।
अंतर्जातीय और सामूहिक विवाह पर अतिरिक्त प्रोत्साहन सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए दिया गया है।
🏗️ 1.88 करोड़ से अधिक श्रमिकों को लाभ
प्रदेश में इस समय 1.88 करोड़ से अधिक निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। ये श्रमिक शहरों को सजाने-संवारने का काम करते हैं, लेकिन उनकी बेटियों की शादियां अक्सर आर्थिक तंगी के कारण टल जाती हैं।
सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए सीधा आर्थिक सहारा साबित होगी।
🧾 आवश्यक दस्तावेज़
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आधार कार्ड
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श्रमिक पंजीकरण कार्ड
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विवाह प्रमाण पत्र (शादी के बाद)
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बैंक खाता विवरण
सहायता राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
☎️ संपर्क हेल्पलाइन: 1800-1800-123
किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए श्रमिक इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
🌟 सरकार का लक्ष्य
यह पहल न केवल श्रमिक परिवारों को आर्थिक मजबूती देगी, बल्कि अंतर्जातीय विवाह, सामाजिक समरसता और नारी सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहन देगी।
योगी सरकार की यह योजना “सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” की दिशा में एक और मील का पत्थर मानी जा रही है।


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