Big Boost to Lucknow Metro Phase-2! ₹2884 Crore Loan Approved for East–West Corridor_Pic Credit Google

लखनऊ मेट्रो सेकेंड फेज को मिली बड़ी मंजूरी! 2884 करोड़ के विदेशी ऋण से अब दौड़ेगी ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर

लखनऊ खबर | Lucknow Khabar Infrastructure Special

लखनऊ: लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। चारबाग से बसंतकुंज के बीच प्रस्तावित ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर के लिए केंद्र सरकार ने ₹2884 करोड़ के विदेशी ऋण को मंजूरी दे दी है। यह ऋण New Development Bank (NDB) से लिया जाएगा।

इस मंजूरी के बाद अब मेट्रो के सात भूमिगत स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।


🚇 5801 करोड़ की मेगा परियोजना

चारबाग–बसंतकुंज मेट्रो कॉरिडोर की कुल लागत करीब ₹5801 करोड़ आंकी गई है।

  • 🔹 करीब 50% राशि (₹2900 करोड़) केंद्र व राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी

  • 🔹 शेष राशि NDB से ऋण के रूप में ली जाएगी

प्रदेश सरकार पहले ही इस परियोजना के लिए ₹550 करोड़ का प्रावधान कर चुकी है।


🏗️ पहली बार BRICS बैंक से लोन

यह खास बात है कि अब तक लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के लिए ऋण European Investment Bank (EIB) से लिया जाता रहा है।
लेकिन यह पहली बार है जब यूपी मेट्रो को BRICS देशों द्वारा स्थापित बैंक से वित्तीय सहायता मिल रही है।

आर्थिक कार्य विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में नीति आयोग और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की मौजूदगी में यूपी मेट्रो के एमडी Sushil Kumar ने परियोजना का वित्तीय खाका पेश किया, जिसे मंजूरी मिल गई।


🏙️ 12 किमी लंबा होगा ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर

चारबाग–बसंतकुंज मेट्रो लाइन की कुल लंबाई 12 किलोमीटर होगी, जिसमें:

🔻 7 भूमिगत स्टेशन

  • गौतमबुद्ध मार्ग

  • अमीनाबाद

  • पांडेयगंज

  • सिटी रेलवे स्टेशन

  • मेडिकल चौराहा

  • चौक

  • (एक अन्य भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित)

👉 इन पर लगभग ₹2100 करोड़ खर्च होंगे।

🔺 5 एलिवेटेड स्टेशन

  • ठाकुरगंज

  • बालागंज

  • सरफराजगंज

  • मूसाबाग

  • बसंतकुंज

एलिवेटेड स्टेशनों का टेंडर हो चुका है, जो 15 दिन में फाइनल होगा और 2 महीने में निर्माण शुरू हो जाएगा।


🏭 बसंतकुंज डिपो भी बनेगा

  • 🏗️ लागत: ₹150 करोड़

  • टेंडर जारी, 1–1.5 महीने में फाइनल

  • अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद


5 साल में पूरा करने का लक्ष्य

लखनऊ मेट्रो सेकेंड फेज को अगले 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सात भूमिगत स्टेशनों के टेंडर डेढ़ महीने बाद जारी किए जाएंगे।


🚦 लखनऊ को क्या मिलेगा फायदा?

  • पुराने शहर और पश्चिमी इलाकों को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी

  • ट्रैफिक जाम से राहत

  • पर्यावरण-अनुकूल परिवहन

  • व्यापार और रोजगार को बढ़ावा


Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *