उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और बड़े एक्सप्रेसवे का उपहार मिलने जा रहा है। पूर्वी यूपी के गोरखपुर से हरियाणा के पानीपत तक बनने वाला यह नया Gorakhpur–Panipat Expressway पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत बनाएगा। एक्सप्रेसवे का सीमांकन अंतिम चरण में है और इसे बिजनौर में देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा।
कुल 650 किमी लंबा, 100% ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
यह पूरी तरह ग्रीनफील्ड परियोजना होगी, यानी पूरी सड़क नई जमीन अधिग्रहीत कर बनाई जाएगी।
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कुल लंबाई: लगभग 650 किमी
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अनुमानित लागत: करीब ₹15,000 करोड़
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निर्माण एजेंसी: एनएचएआई की मुरादाबाद और अयोध्या इकाइयों को जिम्मेदारी मिलने की संभावना
किन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
इस एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पर्यावरण को न्यूनतम प्रभाव पड़े। यह निम्न जिलों से होकर गुजरेगा:
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श्रावस्ती
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बलरामपुर
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बहराइच
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लखीमपुर खीरी
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शाहजहांपुर (पुवायां क्षेत्र)
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पीलीभीत (बीसलपुर क्षेत्र)
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बिजनौर
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सहारनपुर (देवबंद)
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शामली
इसके बाद यह हरियाणा के पानीपत से जुड़ेगा, जहाँ से राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारे का सीधा लाभ यूपी को मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान
रूट को इस प्रकार तैयार किया गया है कि
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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व,
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हस्तिनापुर वाइल्डलाइफ सेंक्चुअरी
जैसे संरक्षित क्षेत्रों को प्रभावित न करे। इसके लिए एक्सप्रेसवे को बिजनौर के समीप उत्तराखंड के निचले हिस्से की ओर मोड़ा गया है।
प्रदेश और उद्योग को क्या फायदा होगा?
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पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी और फिर हरियाणा तक तेज और सुरक्षित यात्रा
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नेपाल बॉर्डर से कनेक्टिविटी में सुधार
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पानीपत के औद्योगिक क्षेत्रों का लाभ यूपी को मिलेगा
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रूहेलखंड, तराई और पश्चिमी यूपी के जिलों में आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी
एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सीमांकन प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण व निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।


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