हेल्थ डेस्क | Lucknow Khabar
Greek Yogurt VS Curd: ग्रीक योगर्ट और सादा दही—दोनों ही पोषण से भरपूर हैं, लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि किसमें ज्यादा प्रोटीन है और रोज़ खाने के लिए कौन ज़्यादा फायदेमंद है। दही भारतीय भोजन का सदियों पुराना हिस्सा है, जबकि ग्रीक योगर्ट आजकल फिटनेस और वेट-मैनेजमेंट करने वालों में खासा लोकप्रिय है। आइए, आसान भाषा में दोनों का फर्क समझते हैं।
🥛 बनाने का तरीका—यहीं से आता है असली फर्क
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सादा दही: दूध में हेल्दी बैक्टीरिया मिलाकर जमाया जाता है। इसमें व्हे (दूध का पानी) रहता है, इसलिए टेक्सचर हल्का होता है।
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ग्रीक योगर्ट: दही जमाने के बाद उसे मलमल/छलनी से छानकर व्हे निकाल दिया जाता है। इसी वजह से यह ज्यादा गाढ़ा, क्रीमी और पोषक तत्वों में कंसन्ट्रेटेड होता है।
💪 प्रोटीन: किसमें है ज्यादा?
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ग्रीक योगर्ट: ~170 ग्राम में 15–20 ग्राम प्रोटीन
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सादा दही: ~170 ग्राम में 6–9 ग्राम प्रोटीन
👉 मसल्स बिल्डिंग, वजन कंट्रोल और देर तक पेट भरा रखने के लिए ग्रीक योगर्ट बेहतर माना जाता है।
🍬 कार्ब्स और शुगर
छानने से ग्रीक योगर्ट में लैक्टोज (नेचुरल शुगर) काफी कम हो जाती है।
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ग्रीक योगर्ट: कम कार्ब्स/शुगर—ब्लड शुगर कंट्रोल और लो-कार्ब डाइट वालों के लिए अच्छा
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सादा दही: कार्ब्स थोड़े ज्यादा
🦴 कैल्शियम किसमें ज्यादा?
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सादा दही: कैल्शियम ज्यादा—हड्डियों के लिए फायदेमंद
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ग्रीक योगर्ट: छानने में कुछ कैल्शियम निकल जाता है, इसलिए थोड़ा कम
🦠 प्रोबायोटिक्स और गट हेल्थ
दोनों में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो डाइजेशन और इम्यूनिटी के लिए अच्छे हैं। कौन-सा बैक्टीरिया कितनी मात्रा में है—यह ब्रांड के लेबल पर निर्भर करता है।
🥗 रोज़ाना किसे चुनें?
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ग्रीक योगर्ट चुनें, अगर:
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ज्यादा प्रोटीन चाहिए
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वर्कआउट के बाद या ब्रेकफास्ट में लेना है
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लो-कार्ब/वेट-लॉस फोकस है
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सादा दही चुनें, अगर:
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ज्यादा कैल्शियम चाहिए
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हल्का टेक्सचर और कम खट्टापन पसंद है
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👉 बेस्ट ऑप्शन: दोनों को बैलेंस करके डाइट में शामिल करें।


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