लखनऊ खबर | Lucknow Khabar
होली से पहले उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य में 76,785 स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि इन मीटरों में लंबे समय से नेगेटिव बैलेंस चल रहा था, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई।
सबसे अधिक समस्याएं Noida और Ghaziabad में सामने आई हैं, जहां कई उपभोक्ताओं ने दावा किया कि उनके मीटर का बैलेंस पॉजिटिव होने के बावजूद बिजली काट दी गई।
उपभोक्ता परिषद ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले पर Uttar Pradesh State Electricity Consumers Council ने कड़ी आपत्ति जताई है। परिषद के अध्यक्ष Awadhesh Kumar Verma ने कहा कि त्योहार से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई से आम लोगों को भारी परेशानी हुई है।
उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ता नियमित रूप से मीटर रीचार्ज करते हैं, लेकिन सिस्टम में अपडेट नहीं होता और बैलेंस गलत दिखने लगता है। परिषद ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
9 मार्च को नई बिजली दरों पर सुनवाई
बिजली दरों को लेकर भी जल्द बड़ा फैसला हो सकता है। Uttar Pradesh Electricity Regulatory Commission 9 मार्च से नई बिजली दरों को लेकर सुनवाई शुरू करेगा।
इस सुनवाई में स्मार्ट मीटर की लागत उपभोक्ताओं से वसूलने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।
स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद क्यों?
उपभोक्ता परिषद का कहना है कि:
-
केंद्र सरकार ने स्मार्ट मीटर योजना के लिए 18,885 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।
-
जबकि बिजली कंपनियों ने करीब 27,342 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए।
-
इस अतिरिक्त खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए।
परिषद का यह भी आरोप है कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदलना विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ हो सकता है।
बिजली दरों में कमी की भी मांग
उपभोक्ता परिषद ने यह भी कहा है कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का करीब 50 हजार करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में बिजली दरों को बढ़ाने के बजाय कम करने का प्रस्ताव दिया जाएगा।
UP Smart Meter News, Electricity Connection Cut UP, Smart Prepaid Meter Problem, UP Electricity Tariff Hearing, Smart Meter Controversy


Leave a Reply