Hours of Reels Causing Severe Neck Pain Among Youth, ‘Text Neck’ Cases Rising_Pic Credit Google

सावधान! घंटों रील देखने से जकड़ रही है गर्दन, 18–28 साल के युवाओं में बढ़ा ‘टेक्स्ट नेक’ का खतरा

लखनऊ खबर | Lucknow Khabar Health Alert

लखनऊ: मोबाइल पर घंटों रील और वीडियो देखने की आदत अब युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है। King George’s Medical University (केजीएमयू) के हड्डी रोग विभाग और फिजियोथेरेपी यूनिट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

पिछले एक महीने में यहां 1500 मरीज गर्दन दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे। इनमें से करीब 60 प्रतिशत मामलों में मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल मुख्य कारण पाया गया। सबसे ज्यादा प्रभावित आयु वर्ग 18 से 28 वर्ष का है।


📊 क्या कह रहे हैं आंकड़े?

  • कुल मरीज (एक माह में): 1500

  • 60% – मोबाइल के अधिक उपयोग से दर्द

  • 40% – बढ़ती उम्र, गठिया या अन्य कारण

  • 80% मरीजों ने माना – मोबाइल का अत्यधिक उपयोग


🧑‍⚕️ डॉक्टरों की चेतावनी

हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार के अनुसार, लगातार गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने से सर्वाइकल स्पाइन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे:

  • मांसपेशियों में जकड़न

  • सिरदर्द

  • कंधों में दर्द

  • हाथों में झनझनाहट

जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने बताया कि कई युवा पढ़ाई, गेमिंग और सोशल मीडिया के कारण 6–8 घंटे तक स्क्रीन टाइम ले रहे हैं। एआई एल्गोरिद्म मनपसंद कंटेंट दिखाता है, जिससे लोग लगातार स्क्रॉल करते रहते हैं।


⚠️ ‘टेक्स्ट नेक सिंड्रोम’ बन रहा नई बीमारी

फिजियोथेरेपी यूनिट के विशेषज्ञों के मुताबिक, समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो यह समस्या आगे चलकर गंभीर सर्वाइकल रोग का रूप ले सकती है।

गलत आदतें जो बढ़ा रही हैं खतरा:

  • मोबाइल को नीचे झुकाकर देखना

  • बिस्तर पर लेटकर या करवट लेकर फोन चलाना

  • लंबे समय तक बिना ब्रेक के स्क्रीन देखना

  • स्ट्रेचिंग या व्यायाम न करना


🏃 कैसे करें बचाव? (डॉक्टरों की सलाह)

✔ हर 30 मिनट बाद ब्रेक लें
✔ मोबाइल को आंखों के स्तर पर रखें
✔ रोजाना 30 मिनट वॉक करें
✔ गर्दन और कंधों के स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें
✔ कुर्सी और मेज की ऊंचाई सही रखें
✔ गर्म सिकाई या हल्की मालिश करें
✔ अनावश्यक सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग से बचें


🩺 समय पर इलाज जरूरी

अगर गर्दन दर्द के साथ:

  • हाथों में झनझनाहट

  • कमजोरी

  • तेज सिरदर्द

जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इलाज में लापरवाही समस्या को गंभीर बना सकती है।


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